'फूल और कांटे' में अजय देवगन को हीरो बनाना नहीं था आसान

हिंदी सिनेमा के सबसे आइकॉनिक मोमेंट्स की बात, 'फूल और कांटे' में दो बाइक पर 

किक खोले एंट्री मारने वाले अजय देवगन के बिना पूरी ही नहीं हो सकती 

एक पुराने इंटरव्यू में अजय देवगन के पिता, स्वर्गीय वीरू देवगन ने बताया था कि वो हमेशा से 

अपने बेटे को हीरो ही बनाना चाहते थे. वजह ये थी कि हीरो बनना कभी उनका भी सपना था, जो पूरा नहीं हुआ 

उन्होंने बताया, 'जबसे ये पैदा हुआ, तबसे मुझे ऐसा फील हुआ कि ये एक्टर जरूर बनेगा लाइफ में 

मेरा शौक भी था क्योंकि मैं भी एक्टर बनने ही आया था. तो जब मैंने देखा कि मैं तो इस काबिल नहीं हूं, 

तो सोचा चलो आगे देखेंगे. तबसे मुझे ये फीलिंग थी कि इसको हीरो बनाऊं. 

'फूल और कांटे' के सेट पर हुए इस इंटरव्यू में अजय ने भी बताया था कि वो बॉलीवुड में ही कुछ करने के अरमान के साथ बड़े हुए 

अजय ने कहा, 'हमेशा से जबसे होश संभाला यही एक चीज दिमाग में थी. पढ़ाई में कुछ ज्यादा ही अच्छा था, मतलब बहुत बुरा था